Brave Story in Hindi | बहादुरी की कहानी हिंदी में

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Brave Story in Hindi | बहादुरी की कहानी हिंदी में

Brave Story in Hindi: दोस्तों आज हम आपको बहादुरी की कहानी बताने वाले है। इस कहानी को सुनकर आपका भी साहस बढ़ेगा और आप भी अपने जीवन में निडर होकर जियेंगे।

एक बार की बात है टीकमगढ़ गांव में मानसी नाम की एक लड़की रहती थी। उसके परिवार में उसकी माँ सुमित्रा, चाचा बलदेव, और छोटा भाई कौशल था। मानसी एक बहादुर लड़की थी। मानसी के पिता की मृत्यु हो चुकी थी।

मानसी का चाचा किसान का काम करता था। मानसी की माँ दूसरे के घर पर बर्तन माज कर दोनों बच्चों का पालन पोषण कर रही थी और उनको पढ़ा रही थी। एक दिन मानसी की माँ ने मानसी को दुकानदार के पास राशन लेने भेजा। तभी दुकान पर भैरव आया। जो गांव का गुंडा था। भैरव के साथ दो लोग और थे। उन्होंने दुकान पर आये सरपंच से पैसों से भरा बैग छीन लिया और भागने लगे।

तभी मानसी ने फुर्ती दिखाते हुए अपने भाई की गुलेल से चोरों पर हमला किया। जिससे चोर गिर गए। तब सभी ने चोरों को पकड़ लिया। मानसी ने सरपंच के पैसों का बैग सरपंच के हवाले किया। जिससे सरपंच बहुत खुश हुए। उन्होंने और गांव वालों ने मानसी की बहुत तारीफ की। जब यह बात मानसी के चाचा और माँ को पता लगी तो उनको भी मानसी पर गर्व हुआ।

चाचा बलदेव ने मानसी की बहादुरी और काबिलियत को देखते हुए उसको अच्छे स्कूल में पढ़ाने का निर्णय किया। बलदेव ने अपनी थोड़ी जमीन बेचकर पैसो का इंतजाम किया और मानसी का एडमिशन अच्छे स्कूल में कराया। धीरे धीरे मानसी बड़ी होने लगी। वह स्कूल की पढाई ख़तम करके ऊंची शिक्षा के लिए शहर गयी। वहाँ वह अपनी ऊंची शिक्षा पूरी करके सरकारी नौकरी की तैयारी करने लगी।

कुछ समय बाद गांव में मानसी के भाई कौशल को उन्ही भैरव के गुंडों ने पकड़ लिया। उस समय तक भैरव काफी बड़ा गुंडा बन चूका था। मानसी की माँ अपने बेटे को छुड़ाने के लिए थाने गयी। लेकिन कोई भी भैरव से पंगा नहीं लेना चाहता था। हवलदार ने मानसी की माँ को यह कहकर वहाँ से जाने के लिए कह दिया की उनके थाने में नई दरोगा मैडम आने वाली है।

कुछ देर बाद वहाँ मानसी ही नई दरोगा भर्ती होकर थाने पहुंची। अपनी बेटी को दरोगा देखकर मानसी की माँ बहुत खुश हुई। उसने मानसी को कौशल को भैरव के गुंडों के द्वारा पकडे जाने के बारे में बताया। मानसी ने पहले तो हवलदार को डाटा उसके बाद वह खुद ही अपने भाई को छुड़ाने निकल पड़ी।

वह भैरव और उसके गुंडों से अपने भाई को छुड़ा लाई और सभी गुंडों को पकड़ कर जेल में बंद कर दिया। उसके इस काम से सभी गांव वाले खुश हुए और उन्होंने बहादुर मानसी को सम्मानित किया।

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Final words:

हम उम्मीद करते है की आपको हमारे द्वारा ऊपर दी गयी जानकारी Brave Story in Hindi पसंद आयी होगी। आप इस जानकारी को अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ शेयर कर सकते है। जिससे वह भी इस बहादुर लड़की की कहानी के बारे में जान सके।

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