चोटी वाला जिन्न की कहानी हिंदी में | Choti wala jinn moral story in hindi

चोटी वाला जिन्न की कहानी हिंदी में  Choti wala jinn moral story in hindi
चोटी वाला जिन्न की कहानी हिंदी में | Choti wala jinn moral story in hindi

चोटी वाला जिन्न की कहानी हिंदी में | Choti wala jinn moral story in hindi

Choti wala jinn moral story in hindi: बहुत पहले की बात है एक गांव में एक कुम्हार और उसकी बीवी रहते थे। कुम्हार सवभाव से लालची था जबकि उसकी बीवी अच्छे सवभाव की महिला थी। कुम्हार मिट्टी के बर्तन बना कर अपने घर का गुजारा चलाता था।

लेकिन वह इससे सन्तुष्ट नहीं था वह ज्यादा पैसे कमाना चाहता था। उसने बड़ी मेहनत से कुछ मिटटी के बर्तन बनाएं जिसे वह बेचने के लिए शहर चला गया। उसे अबकी बार अपने मिटटी के बर्तनों का अच्छा दाम मिलने की उम्मीद थी लेकिन अबकी बार भी उसको पहले वाला ही दाम अपने बर्तनों के लिए मिल रहा था।

उसने उसी दाम में अपने सभी बर्तन बेच दिए। बर्तन बेचने के बाद शाम हो गयी थी वह उसके बाद अपने घर के लिए निकला लेकिन जाते जाते रात हो गयी। घर जाने के लिए उसको एक जंगल से होकर गुजरना पड़ा।

जंगल में कुम्हार को एक पेड़ के ऊपर एक जिन्न नज़र आया। जिसकी एक चोटी थी पहले तो वह जिन्न को देखकर डर गया लेकिन तभी उसको अपनी दादी की याद आयी जो उसको जिन्न के बारे में बताती थी की यदि जिन्न की चोटी हाथ में आ जाए तो वह सब इच्छा पूरी कर देता है।

कुम्हार ने एक तरक़ीब सोची और जिन्न को बोला मुझे एक परी मिली थी वह एक जिन्न से शादी करना चाहती थी लेकिन वह उसी जिन्न से शादी करेगी जिसकी एक हाथ लम्बी चोटी हो। कुम्हार की बात को सुनकर जिन्न बहुत खुश हुआ और कुम्हार को बोला मेरी एक हाथ लम्बी चोटी है।

चोटी वाला जिन्न की कहानी हिंदी में | Choti wala jinn moral story in hindi

इस पर कुम्हार बोला मुझे नहीं लगता तुम्हारी चोटी एक हाथ लम्बी है इस पर जिन्न परी से शादी करने के चक्कर में कुम्हार से अपनी चोटी दिखाने लगा तभी कुम्हार ने बड़ी चतुराई से उसकी चोटी काट ली। जिन्न बोला यह तुमने क्या किया तुमने मुझे गुलाम बना लिया कुम्हार बोला हा मैंने तुम्हारी चोटी लेने के लिए तुमसे परी वाली बात बोली।

उसने कहा अब तुम मेरी सारी इच्छा को पूरा कर दो। जिन्न ने बोला आप हुक्म करो। कुम्हार बोला तुम मेरे घर को बड़े आलिशान घर में बदल दो और मेरा घर जमींदार के घर के पास रख दो। जिन्न ने ऐसा ही किया उसका घर जमींदार के घर के पास रख दिया और उसका घर जमींदार के घर से भी अच्छा हो गया।

इसके बाद कुम्हार ने जिन्न को बोला तुम मेरी बीवी को गहनों से भर दो और हमारे घर में बहुत से हीरे जवाहरात रख दो। जिन्न ने ऐसा ही किया। जब कुम्हार ने घर जाकर देखा तो वह बहुत खुश हुआ।

कुम्हार ने घर जाकर अपनी बीवी को सारी बात बताई। कुम्हार की बीवी को किसी को कैद करना अच्छा नहीं लगा। कुम्हार ने जिन्न की चोटी को एक घर के एक बर्तन के अंदर छुपा दिया। इसके बाद कुम्हार और उसकी बीवी के दिन पूरी तरह से बदल गए।

Choti wala jinn moral story in hindi

जमींदार की बीवी और अन्य गांव की महिलाएं कुम्हार की बीवी के गहने देखने के लिए आने लगे। कुछ दिनों के बाद दिवाली आने लगी तो कुम्हार की बीवी कुम्हार को घर की साफ़ सफ़ाई करने को बोलने लगी। कुम्हार ने कहा हमको घर की साफ़ सफ़ाई करने की क्या जरुरत है हम यह जिन्न से करवा सकते है।

इसके बाद उसने ताली बजाई और जिन्न हाज़िर हो गया। कुम्हार ने जिन्न को पुरे घर की सफ़ाई करने को बोला इसके बाद जिन्न घर की सफ़ाई करने लगा। जिन्न से सफ़ाई करते हुए वह बर्तन गिर गया जिसमें जिन्न की चोटी थी। जिन्न ने चोटी को उठा लिया कुम्हार ने उसको यह करते हुए देख लिया।

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कुम्हार ने चोटी मांगी लेकिन जिन्न इतना बेवकूफ नहीं था उसने कुम्हार को चोटी नहीं दी और बोला तुमने चालाकी से मेरी चोटी लेकर मुझे गुलाम बना लिया था लेकिन अब मै तुम्हारी जो पहले हालत थी वही हालत कर दूंगा। यह कहकर जिन्न ने कुम्हार का घर वैसा ही कर दिया जैसा पहले था और उनके सारे गहने भी ले लिए। कुम्हार इससे बहुत दुखी हो गया। कुम्हार की बीवी बोली आपके हाथ में बर्तन बनाने का हुनर है आप फिर से बर्तन बनाइये। इसके बाद कुम्हार फिर से बर्तन बनाने लगा।

Moral of the story:

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की हमें लालच न करके मेहनत से काम करना चाहिए। जिस प्रकार कुम्हार अमीर बनना चाहता था और उसने लालच किया लेकिन बाद में उसको अपने किये की सज़ा मिल गयी।