बीरबल की खिचड़ी कहानी हिंदी में | Birbal khichdi story in hindi

बीरबल की खिचड़ी कहानी हिंदी में  Birbal khichdi story in hindi
बीरबल की खिचड़ी कहानी हिंदी में Birbal khichdi story in hindi

बीरबल की खिचड़ी कहानी हिंदी में | Birbal khichdi story in hindi

Birbal khichdi story in hindi: एक बार की बात है अकबर अपने ख़ास मंत्रियो और बीरबल के साथ अपने बगीचे में घूम रहे थे। तब बहुत ठंड का मौसम था। तब एक मंत्री ने बोला इतनी ठण्डी है की कोई भी आदमी ऐसी ठण्ड में काम नहीं करना चाहेगा। सब अपने घर में बैठे होंगे और आलस्य कर रहे होंगे। तब अकबर ने अपने बगीचे के जलाशय का पानी छू कर देखा तो वह बहुत ठंडा था।

अकबर बोले तुम सही कर रहे तो बहुत ठण्ड है इससे पानी भी बर्फ जितना ठंडा है। बीरबल ने अकबर की बात को काटते हुए कहा की जहाँपना ठण्ड तो जरूर है लेकिन अभी भी आपके राज्य में ऐसे गरीब लोग है जो पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार है।

अकबर ने बीरबल को कहा मै कुछ भी कहुँ लेकिन तुमको मेरी बात को काटना जरुरी है। अकबर ने बीरबल को कहा क्या तुम इस बात को साबित कर सकते हो क्या तुम हमारे राज्य में से ऐसा आदमी ढूंढ कर ला सकते हो जो पूरी रात इस पानी में खड़ा रहे तो मै उसको 10 अशर्फिया दूंगा।

बीरबल की खिचड़ी कहानी हिंदी में | Birbal khichdi story in hindi

बीरबल बोला बिल्कुल मै हमारे राज्य में से ऐसा आदमी जो पैसों के लिए पूरी रात इस ठन्डे पानी के खड़े रहने के लिए तैयार हो। आज शाम तक ढूंढ कर दरबार में पेश कर दूंगा। इसके बाद बीरबल ऐसा आदमी ढूंढने चला गया। शाम को जब दरबार लगा तो अकबर ने बीरबल से पूछा क्या तुमने ऐसा व्यक्ति ढूंढ लिया है तो बीरबल ने कहा हा मैंने ऐसा व्यक्ति ढूंढ लिया है।

अकबर ने आदमी को पेश करने को कहा। व्यक्ति अकबर के दरबार में पेश हो गया। अकबर ने उस व्यक्ति से पूछा की तुमको बीरबल ने सब समझा दिया है ना व्यक्ति ने हा बोला। अकबर ने कहा इस व्यक्ति की अच्छे से खातिरदारी करों क्योंकि यह इसकी आखिरी रात हो सकती है।

इसके बाद व्यक्ति पानी में सारी रात खड़ा होने के लिए चला गया और वह पूरी रात ठन्डे पानी में खड़े रहने में सफल रहा। अगले दिन सुबह जब दरबार लगा तो वह व्यक्ति पेश हुआ। अकबर ने बड़े आश्चर्य से पूछा क्या तुम सारी रात इतने ठन्डे पानी में खड़े रहे तो व्यक्ति ने हा में जवाब दिया सैनिको ने भी बताया की वह व्यक्ति सारी रात ठन्डे पानी में खड़ा रहा।

Akbar birbal ki kahani

अकबर ने उस व्यक्ति से पूछा आखिर तुमने ऐसा कैसे किया इस पर व्यक्ति बोला शुरू में इतने ठन्डे पानी में सारी रात खड़ा रहना बहुत मुश्किल जरूर था लेकिन मैने जलाशय के पास लगे एक दिये पर ध्यान लगाया जिससे मै यह कर पाया।

अकबर ने कहा अच्छा तो तुमने दिये को देखकर उससे गर्मी ली जिसकी वजह से तुम सारी रात उस ठन्डे पानी में खड़े रहे यह तो धोखा है इसलिए तुमको इनाम नहीं दिया जायेगा। इसके बाद वह व्यक्ति चला गया। बीरबल अकबर को किसी जरुरी काम को बता कर अपने घर चला गया। जब शाम के समय दरबार लगा तो बीरबल दरबार से गायब था ।

अकबर ने जब अपने सैनिको को कहा जाकर पता करो बीरबल क्यों नहीं आए। सैनिकों ने आकर अकबर को बताया की बीरबल खाना बना रहे है जब खाना बन जायेगा तो खाकर दरबार में आ जायेंगे।

Akbar birbal story in hindi

जब बहुत देर तक बीरबल दरबार में नहीं आये तो अकबर ने कहा मुझे खुद ही जाकर देखना पड़ेगा क्योंकि बीरबल कभी भी दरबार में इस तरह अनुपस्थित नहीं रहते।

इसके बाद अकबर बीरबल के घर गए और देखा की बीरबल खिचड़ी बना रहे है और खिचड़ी का बर्तन आग से बहुत ऊपर रख रखा है। अकबर ने बीरबल से पूछा यह तुम क्या कर रहे हो। बीरबल ने बताया वह खिचड़ी बना रहे है।

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अकबर ने बीरबल को कहा की तुमने खिचड़ी के बर्तन को आग से इतनी दूर रख रखा है तो खिचड़ी कैसे बनेगी। बीरबल ने कहा जिस तरह वह व्यक्ति दिये की गर्मी से सारी रात ठन्डे पानी में खड़ा रह सकता है इसी तरह खिचड़ी भी आग से दुरी से गर्मी लेकर बन सकती है।

अकबर को इस बात पर अपनी ग़लती का अहसास हुआ और उनने बीरबल को कहा तुम जीत गए मै हार गया। अकबर ने जो व्यक्ति सारी रात ठन्डे पानी में खड़ा रहा था उसको इनाम अनुसार 10 सोने की अशर्फिया दी। अकबर ने बीरबल की तारीफ़ करी और कहा तुमने बहुत ही अच्छे तरीके से मेरी ग़लती का अहसास मुझे करा दिया।