Tenali rama story in hindi

रसगुल्ले की जड़ | Tenali rama story in hindi

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Tenali rama story in hindi

Tenali rama story in hindi: एक बार की बात है राजा कृष्णदेव राय के दरबार में ईरान का व्यापारी आया। राजा ने कहा की हमारे राज्य की ख्याति मधय पूर्व के देशों में भी फ़ैल रही है। यह व्यापारी अब शाही मेहमान है।

इसकी मेहमान नवाजी में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। व्यापारी को पुरे राज्य में घुमाया गया। उसको शाही पकवान खिलाये गए। रसोईया व्यापारी के लिए एक बर्तन में रसगुल्ले लेकर आया।

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वह व्यापारी से बोला की राजा ने यह मिठाई आपको खासकर देने को बोला है। इसलिए मैंने बड़ी मेहनत से आपके लिए इसको बनाया है। व्यापारी बोला की मुझे इसको खाने की कोई इच्छा नहीं है तुम मुझको इसकी असलियत बताओ तभी मै इसको खाऊंगा।

रसोईया इस बात पर हैरान रह गया और राजा को जाकर उसने यह बात बताई की व्यापारी रसगुल्ले की असलियत जानना चाहता था। राजा ने कहा की वह हमारा शाही मेहमान है इसलिए वह जो भी पूछ रहा है।

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वह उसको बताना होगा। कल मै दरबार में सभी से इसके बारे में पूछूँगा। राजा ने अगले दिन दरबार में सभी दरबारियों के सामने रसगुल्ले की असलियत के बारे में पूछा तो सभी दरबारी हॅसने लगे।

राजा ने इसके बाद तेनाली राम से पूछा की क्या तुम रसगुल्ले की असलियत को व्यापारी को बता सकते हो। तेनाली राम ने कहा की वह रसगुल्ले की असलियत को बता सकता है इसके लिए मुझे चांदी की कटोरी और एक चाकू चाहिए।

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राजा ने कहा की तुमको जो चाहिए वह तुमको मिलेगा लेकिन तुम इसकी असलियत बताओ। अगले दिन दरबार में तेनाली राम चांदी के कटोरे को मखमल के कपडे से ढककर लाया।

उसने व्यापारी के सामने मखमल का कपडा हटाकर कहा की यह है रसगुल्ले की असलियत। व्यापारी उसको बड़े ही मज़े से खाने लगा। जब राजा ने देखा तो उसमे गन्ने के कटे हुए टुकड़े थे।

राजा बोले तेनाली राम तुमने रसगुल्ले की असलियत कहकर व्यापारी को गन्ने के टुकड़े खिला दिए। तेनाली राम ने कहा की महाराज रसगुल्ला चीनी से बनती है और चीनी गन्ने से बनती है। इस तरह रसगुल्ले की असलियत गन्ना ही हुआ। उसकी यह बात सुनकर राजा बहुत खुश हुए और तेनाली राम की प्रशंशा की और व्यापारी को भी अपने सवाल का जवाब मिल चूका था।