गैंडे को मिला सबक | hort story writing in hindi for class 7

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Short Story Writing in Hindi for class 7
Short Story Writing in Hindi for class 7

Short Story writing in Hindi for Class 7

Short Story Writing in Hindi for Class 7: एक बार की बात है एक जंगल में एक पेड़ पर एक तोते का जोड़ा रहता था। वह उस पेड़ पर घोसला बनाकर काफी समय से रहते थे। कुछ दिनों के बाद तोता माँ ने अंडे दिए। जिससे वह दोनों बहुत खुश हुए। अब तोता माँ घोसले में ही रहकर अंडे सेंकती थी।

जबकि तोता भोजन की तलाश में बाहर जाता था और शाम को पेड़ पर वापस आता था। एक दिन जब तोता खाने की तलाश में बाहर गया हुआ था तो उस जंगल में एक गैंडा आया। गैंडा जंगल के पेड़ो को अपने सिर से धक्का देकर गिराने लगा।

कुछ समय बाद वह तोते के घोसले वाले पेड़ को भी अपने सिर से धक्का देने लगा। गैंडे से वह पेड़ तो नहीं गिरा लेकिन उसके झटकों से तोते का घोंसला और अंडे जमीन में गिरकर टूट गए। जब शाम को तोता वापस आया तो तोता माँ ने उसको सारी बात बताई। जिससे दोनों बहुत दुखी हुए और उन्होंने गैंडे से बदला लेने की सोची।

जिसके बाद वह अपने मित्र कठफोड़वा के पास गए। उन्होंने कठफोड़वा को सारी बात बताई और उससे मदद मांगी। कठफोड़वा ने उनकी मदद करने का वचन दिया। कठफोड़वा उनको लेकर मेंढक और मधुमक्खी के पास गया और सारी बात बताई।

इसके बाद वह सब मिलकर गेंडे के पास गए। सबसे पहले मधुमक्खी ने जाकर गैंडे के कान में काट लिया। जिससे गैंडा वहाँ उछलने लगा। इसके बाद कठफोड़वा ने अपनी चोंच से गैंडे की दोनों आंखों में वार करके फोड़ दिया। इसके बाद गैंडा कुछ भी देख नहीं सकता था।

अब मेंढक ने दलदल में जाकर टर टर की आवाज निकालने लगा। गैंडे को लगा की पास में ही कोई नदी है जिससे गैंडा उस तरफ भागने लगा। लेकिन वहां पर दलदल था जिससे गैंडा दलदल में फस गया। उसके ज्यादा हाथ पैर मारने पर वह और अधिक दलदल में धसता चला गया। जिससे कुछ देर के बाद उसकी मौत हो गई। इस तरह तोते के जोड़े में विशाल गैंडे से अपने बच्चों की मौत का बदला लिया।

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