New Kahaniya in hindi

Best New Kahaniya in Hindi | बेस्ट नई कहानियाँ हिंदी में बच्चों के लिए

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We have brought the best New Kahaniya in the Hindi collection for kids. These new stories are very interesting to read. All these New Kahaniya are written in Hindi. Which every child can easily read.

छोटे बच्चे अक्सर नई हिंदी कहानियाँ पढ़ने के शौकीन होते है। इसलिए ख़ास बच्चों के लिए हम नई कहानियों का संग्रह हिंदी में लेकर आये है। जो मज़ेदार के साथ मोरल से भरी हुई है।

जादुई पेंसिल – New Kahaniya in Hindi

 एक गांव में कुशल नाम का एक लड़का रहता था। जो कि बहुत गरीब था। लेकिन उसे चित्र बनाने का बहुत शौक था। वह लकड़ी की सहायता से मिट्टी पर बहुत ही सुंदर चित्र बनाता था। उसके पास पेंसिल और कागज खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे।

एक दिन एक बूढ़ा आदमी उसके सामने आया। उसने कुशल को एक पेंसिल दी और कहा कि तुम इस पेंसिल से केवल गरीब लोगों के लिए ही चित्र बनाना और अगर कभी मेरी जरूरत पड़ी तो तुम इस पेंसिल की सहायता से ही मुझे बुला सकते हो।

यह कहकर वह बूढ़ा आदमी गायब हो गया। इसके बाद कुशल ने एक आम का चित्र बनाया तो वह असली आम में बदल गया। इससे कुशल को पता लग गया कि यह कोई साधारण पेंसिल नहीं बल्कि जादुई पेंसिल है। फिर उसने अपने परिवार के लिए कुछ अच्छे कपड़े बनाएं और खाने की वस्तुएं बनाई।

अब वह उस पेंसिल की सहायता से गरीब लोगों की मदद करने लगा और गरीब लोगों को भोजन और कपडे बना कर देता था। जब यह बात गांव के राजा को पता लगी तो राजा ने कुशल को बुलाया और उसने कुशल को अपने बगीचे के लिए सोने का पेड़ बनाने के लिए कहा।

लेकिन कुशल ने ऐसा करने से मना कर दिया और कहा की मै इसका प्रयोग केवल गरीब लोगों के लिए करता हूँ। आप तो पहले से ही बहुत अमीर है। यह सुनकर राजा को गुस्सा आया और उसने कुशल से वह पेंसिल छीन ली और खुद ही चित्र बनाने लगा। लेकिन उससे कुछ नहीं हुआ।

इसके बाद उसने वह पेंसिल वापिस कुशल को देकर चित्र बनाने को कहा और बोला की अगर तुम चित्र नहीं बनाओगे तो तुमको जेल में डाल देंगे। इस पर कुशल को बूढ़े आदमी की याद आयी। उसने बूढ़े आदमी का चित्र बनाया। जिससे बूढ़ा आदमी प्रकट हो गया।

उसने राजा को समझाया की यह पेंसिल कुशल को केवल गरीब लोगों की मदद के लिए मिली है यदि इससे वह किसी अमीर व्यक्ति के लिए चित्र बनाएगा तो वह असल वस्तु में नहीं बदलेगा। इससे राजा को यह बात समझ में आ गयी और अपनी गलती का अहसास हो गया तो उसने कुशल को उपहार देकर छोड़ दिया। 

Moral of the new story: इस नई कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की हमें लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

चतुर नाई और लालची दूधवाला – New Kahaniyan Hindi mein

एक बार की बात है मदनपुर गांव में  रामू नाम का एक नाई रहता था। उसकी दुकान गांव के चौराहे पर थी। जिससे वह पूरे गांव में प्रसिद्ध था। वह अपने बाल काटने से ज्यादा चंपी करने के लिए ज्यादा प्रसिद्ध था। एक दिन रामू अपनी दुकान में बाल काट कर शाम को घर गया।

घर जाने पर रामू की पत्नी ने बताया कि चंदू दूध वाले ने दूध का दाम बढ़ाकर ₹30 से ₹40 कर दिया है। यह सुनकर रामू को बहुत गुस्सा आया और उसने कहा कि एक तो चंदू दूध वाले का दूध इतना पतला है फिर भी उसने अपने दूध का दाम बढ़ा दिया। लेकिन हम कर भी क्या सकते है क्योंकि गांव में एक ही दूध वाला है।

अगले दिन रामू अपनी दुकान पर बाल काट रहा था। तभी दो आदमी बाल कटाने के लिए दुकान में आए उनमें से एक आदमी  रामू से बोला मैंने सुना है। आपके गांव में दूध का दाम ₹40 है। रामू ने कहा की यह दाम पहले ₹30 था। लेकिन अभी चंदू दूध वाले ने ₹10 और बढ़ा दिए है।

उस आदमी ने बताया कि  हम दोनों पास के गांव से आए है। हमारे गाँव में दूध 20 रूपए लीटर है। हम ही वहाँ पर दूध देने का काम करते है। रामू ने उनको कहा की आप हमारे गांव में भी दूध बेच लीजिये। इसके आप 25 रूपए लीटर ले सकते है। मै इसके लिए गांव वालों से बात भी कर लूंगा।

यह सुनकर दोनों बहुत खुश हुए। कुछ देर में गांव के बाकी लोग और चंदू दूधवाला भी दूकान में आया। रामू ने बड़ी चतुराई से पूछा चंदू तुमने पिछले महीने ही नई भैंस ली है। अब दोनों भैंस  प्रतिदिन का कुल कितना दूध देती है। चंदू ने कहा कि दोनों भैंस  कुल मिलाकर 30 लीटर दूध  प्रतिदिन का देती है।

रामू ने चंदू से फिर पूछा क्या तुम्हारा सारा दूध बिक जाता है ? चंदू ने कहा कि भगवान की दया से सारा दूध बिक जाता है क्योंकि मै 10 लीटर दूध हलवाई को, 10 लीटर कुल्फी की दुकान में, 5 लीटर सेठ जी को, 4  – 4  लीटर वकील के और मास्टर जी के पास देता हूं।  बाकी बचा 1 – 1 लीटर गांव के 12  लोगों को दे देता हूं।

यह बात चतुर रामू ने पकड़ ली और चंदू से कहा कि तुम्हारी दोनों भैंस 30 लीटर दूध देती है। लेकिन तुम 45  लीटर दूध गांव में किस प्रकार बेचते  हो। इसका मतलब तुम दूध में पानी में मिलाते हो। तभी तुम्हारा दूध पानी की तरह पतला होता है।

दुकान में बैठे गांव के और लोगों ने भी जब यह सारी बात सुनी तो उनको भी पता लग गया की चंदू दूध में बहुत पानी मिलाता है। जब गांव के लोग चंदू की पिटाई करने के लिए उसके पीछे गए तो वह भाग गया। इसके बाद रामू ने गांव के लोगों से बात करके दूसरे गांव का दूध ₹25 प्रति लीटर में लगा लिया।

इससे गांव वालों को कम दाम अच्छा दूध मिलने लगा और चंदू दूध वाले को भी अपनी करनी का फल मिल गया।

Moral of the new story: इस नई कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की हमें कभी लालच नहीं करना चाहिए।

चालाक नौकर – New Kahaniyan

एक बार एक गांव में मोहन नाम का एक आदमी रहता था। वह बहुत सीधा था। लेकिन उसका नौकर गगन बहुत चालाक था। मोहन के घर में कोई भी मदद के लिए आता तो वह उसकी मदद जरूर करता था। वह साधुओं की भी बहुत सेवा करता था।

एक दिन मोहन बाजार से कुछ आम लेकर आया। उसने अपने नौकर गगन को कहा की तुम इन आम को काटकर रख दो। मै किसी साधु को बुलाकर लाता हूँ। पहले इन्हें किसी साधू को खिलाकर ही हम खाएंगे। यह कहकर मोहन चला गया।

गगन आम को ले जाकर उनको काटने लगा आम को काटने पर उसमे से बहुत ही स्वादिष्ट खुशबू आई। जिससे गगन को आम खाने का बहुत मन किया इसलिए उसने एक आम का टुकड़ा उठा कर खा लिया।

लेकिन इससे उसका मन नहीं भरा और थोड़ा-थोड़ा करते हुए उसने सारे आम खाकर खत्म कर दिए। कुछ देर में मोहन एक साधु को लेकर आया और गगन को कहा कि तुमने जो आम काटे है उनको लेकर आओ। यह सुनते ही गगन ने मालिक को रसोई में बुलाया और कहा कि चाकू में धार नहीं है।

जिससे आम नहीं कटे। मोहन ने कहा कि इतनी सी बात है मैं इसमें बाहर ले जाकर अभी धार लगा देता हूं। यह कह कर वह चाकू में धार लगाने बाहर चला गया। इसके बाद गगन साधु के पास गया और बोला की आप यहां से चले जाओ मेरा मालिक पागल है वह साधु को बुलाकर उनके हाथ काट देता है।

अगर आपको विश्वास नहीं है तो आप बाहर देख लो वह चाकू की धार इसलिए तेज कर रहा है। जब साधु ने सच में मोहन को चाकू पर धार लगाते हुए देखा तो उसे गगन की बात पर भरोसा हो गया और वह वहां से भाग गया। चाकू की धार लगाकर जब मोहन अंदर आया तो उसने गगन से साधु के बारे में पूछा तो गगन ने  कहा कि साधु सारे आम चुरा कर भाग गया।

जब मोहन ने यह सुना तो वह भी साधू के पीछे भागा और कहा की साधू रुक जाओ। अपने पीछे मोहन को आता हुआ  देखकर साधु डर कर और तेजी से भागने लगा। इस तरह  चालाक नौकर गगन ने अपनी चालाकी से अपने मालिक को बेवकूफ बनाया।

Moral of the new story: इस नई कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की हमें किसी की बात पर आँख मूंद कर भरोसा नहीं करना चाहिए।

We hope you enjoy these New Kahaniya in Hindi collection. Kids can comment down below and give a review for these New Kahaniya.

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