Jadui Chakki Ki Kahani | जादुई चक्की की कहानी हिंदी में

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Jadui Chakki Ki Kahani: एक बार की बात है रामपुर गांव में दो भाई रहते थे। बड़े भाई का नाम विक्रम और छोटे भाई का नाम राघव था। विक्रम बहुत अमीर था जबकि छोटा भाई राघव बहुत गरीब था। विक्रम अपने बड़े घर में अपने बीवी बच्चों के साथ रहता था। उसके पास खाने पिने की कोई कमी नहीं थी। जबकि राघव मेहनत करने के बावजूद दो समय की रोटी का ही जुगाड़ कर पाता था। वह अपने परिवार के साथ एक झोपड़ी में रहता था। विक्रम ने अपने पिता की सारी जायदाद अकेली ही हड़प रखी थी। उसने जायदाद में से अपने छोटे भाई को कुछ भी नहीं दिया था।

दिवाली के दिन विक्रम ने अपने घर को बहुत अच्छे से सजा रखा था। उसके घर अच्छे अच्छे पकवान बने थे। जबकि राघव के घर खाने के लिए भी कुछ नहीं था। राघव ने ऐसे समय में अपने बड़े भाई से मदद मांगने की सोची। वह विक्रम के घर पहुँचा। उसने अपने स्थिति के बारे में विक्रम को बताया और कुछ पैसे उधार देने को बोला लेकिन विक्रम ने पैसे देने से साफ़ मना कर दिया।

जिसके बाद वह खाली हाथ ही अपने घर जंगल के रास्ते लौटने लगा। जंगल में राघव को एक बुढ़िया दिखी। जिसके पास लकड़ियों का गट्ठर था। राघव ने सोचा यदि मै इस बुढ़िया की लकड़ियाँ इसके घर पहुँचा दूँगा तो मुझे बदले में कुछ पैसे मिलेंगे। वह बुढिया के पास गया और उसने लकड़ियों को उसके घर पहुंचाने को पूछा। जिस पर बुढ़िया ने सहमति जताई।

जादुई चक्की की कहानी हिंदी में

राघव ने अपनी स्थिति के बारे में भी बुढ़िया को बताया। लकड़ियाँ बुढ़िया के घर पहुंचाने पर बुढ़िया ने राघव को मिठाई का डिब्बा दिया और कहा की तुम यह मिठाई जंगल में बने गुफा में रहने वाले बोनो को दे आओ। इसके बदले में तुम उनसे जादुई चक्की मांग लेना।

राघव ने ऐसा ही किया और मिठाई बोनो को देकर उनसे जादुई चक्की ले आया। बोनो ने चक्की देते हुए कहा की तुम इससे जो मांगोगे वह मिल जायेगा। जब तुम्हे इस चक्की को रोकना हो तो इस पर लाल कपडा डाल देना।

राघव ख़ुशी खुशी वह चक्की अपने घर ले गया और अपनी बीवी को सारी बात बताई। उन्होंने चक्की को जमीन पर रखा और अनाज फल सब्जियाँ मांगी। कुछ ही समय में सब चक्की से निकलता गया। उन्होंने जिसके बाद भर पेट अच्छा खाना खाया। राघव अब चक्की में से निकलने वाले अनाज को मंडी में ले जाकर बेचने लगा। जिससे वह कुछ ही समय में अमीर हो गए। उन्होंने नया घर भी बना लिया।

जब यह बात विक्रम को पता लगी तो उसने सोचा उसका छोटा भाई इतनी जल्दी इतना अमीर कैसे हो गया। इसका पता लगाने के लिए वह एक दिन भोजन करने राघव के घर पहुंचा। खाने के बाद जब वह अपने घर जाने लगा तो उसने कुछ समय राघव के घर के बाहर छुप कर अंदर देखने लगा। विक्रम ने राघव की पत्नी को चक्की से अनाज मांगते हुए देखा। जिससे उसको राघव के अमीर होने के राज के बारे में पता चला।

Jadui Chakki Story in Hindi

विक्रम एक दिन आकर राघव के घर से जादुई चक्की चोरी करके ले गया। घर जाकर उसने अपनी बीवी को घर छोड़कर चलने को कहा। बीवी के पूछने पर उसने बाद में बताने को बोला। विक्रम अपने बीवी बच्चो को लेकर नदी के रास्ते दूसरे गांव जाने लगा।

जब विक्रम नाव में बैठा था तो उसने अपने बीवी को जादुई चक्की के बारे में बताया। उसने जादुई चक्की को प्रयोग करके दिखाने के लिए चक्की से नमक माँगा जिससे चक्की में से नमक निकलने लगा। उसको चक्की को बंद करना नहीं आता था। जिससे नाव में पूरा नमक भर गया और विक्रम अपने परिवार के साथ नदी में डूब गया।

राघव के पास अभी भी बहुत अनाज बचा था। उसने वह अनाज़ बेचा और मेहनत की। जिससे उसको अब चक्की की जरुरत नहीं थी। वह अपने परिवार के साथ खुशी से रहने लगा। इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की हमें कभी भी लालच नहीं करना चाहिए।

Jadui Chakki Ki Kahani

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