Bhoot Ki Kahani in Hindi | मोती की हिम्मत ने बचाई भूत से जान

Spread the love
Bhoot Ki Kahani in Hindi
Bhoot Ki Kahani in Hindi

Bhoot Ki Kahani in Hindi | भूत की कहानी

Bhoot Ki Kahani in Hindi: एक बार की बात है रामपुर गांव के बाहर एक भूत रहता था। रात के समय वह गांव में जाता और लोगों के घर के पास से गुजरता। वह गांव में भोजन के लिए अपना शिकार ढूंढता था। लोगों को यह बात पता थी जिससे सभी लोग अपने घर के बाहर “कल आना ” लिख देते थे।

भूत जब घर के बाहर “कल आना ” लिखा देखता तो उस घर में नहीं जाता। एक दिन गांव में एक सेठ और उसकी पत्नी रहने के लिए आए। गांव के लोगों ने सेठ और उसकी पत्नी को भूत के बारे में पहले से ही बता दिया और घर के बाहर “कल आना” लिखने को बोला।

सेठ ने लोगों की बात को अनसुना कर दिया और सेठ की पत्नी के कहने के बावजूद घर के बाहर कुछ नहीं लिखा। सेठ पत्नी से बोला मै किसी भूत से नहीं डरता। जब रात हुई और गांव के सब लोग सो गए तब भूत गांव में आया और उसने लोगों के घर के बाहर कल आना लिखा देखा।

जिस घर में वह कल आना लिखा देखता तो वह दूसरे घर में चला जाता क्योकि वह सोचता इस घर में कोई नहीं रहता। जब भूत सेठ के घर के बाहर पहुंचा तो वहाँ कुछ नहीं लिखा था। यह देखकर भूत बहुत खुश हुआ और सोचा आज तो इंसान को खाना मिलेगा।

इसके बाद वह दरवाज़े को खटखटाने लगा। सेठ की पत्नी ने जब आवाज़ सुनी तो वह डर गयी लेकिन सेठ के कहने पर वह दरवाजा खोलने गयी। दरवाजा खोलने से पहले उसने खिड़की से झांककर देखा तो उसे बाहर भुत खड़ा दिखाई दिया।

Bhoot Ki Kahani

वह दौड़ते हुए सेठ के पास गयी और भुत के बारे में बताया। सेठ और उसकी पत्नी दोनों इससे डर गए और आपस में बचने की बात करने लगे। भुत ने उनकी यह बात सुन ली और वह और जोर जोर से दरवाजा खटखटाने लगा।

कुछ देर बाद भुत ने उनका दरवाज़ा तोड़ दिया और अंदर घुस गया। सेठ और उसकी पत्नी बचने के लिए घर के पीछे के दरवाजे से बाहर भाग गए। भुत के घर में घुसने पर घर का कुत्ता मोती भुत के सामने जाकर भौंकने लगा।

सेठ की पत्नी ने  जब मोती की आवाज़ सुनी तो उसने सेठ को मोती को बचाने को कहा। सेठ ने जब मना किया तो वह ख़ुद मोती को बचाने चली गयी क्योंकि वह मोती से बहुत प्यार करती थी। जब वह मोती को बचा रही थी तो भुत ने उसे पकड़ लिया और अपने साथ ले गया।

वह सेठ की पत्नी को जंगल में एक गुफ़ा में ले गया। भुत ने उसे खाने के लिए बंदी बना लिया। मोती भी सेठ की पत्नी के पीछे पीछे गुफ़ा में पहुंच गया। सेठानी ने मोती को भगा दिया जिससे भूत उसको न खाये। मोती दौड़ता हुआ सेठ के पास गया और उसको खींचने लगा।

सेठ को पता था की मोती उसकी पत्नी को बचाने भुत के पीछे गया था। जिससे उसको यह पता होगा की भुत सेठानी को कहा लेकर गया। सेठ गांव के कुछ लोगों को लेकर मोती के पीछे पीछे गया। मोती उनको एक गुफ़ा में लेकर गया। बहुत से गांव वालों  को मशाल के साथ आता देख भुत सेठानी को छोड़कर भाग गया। इस तरह मोती की हिम्मत से सेठानी की जान बच गयी।

Bhoot Ki Kahani in Hindi

कैसे पता करें कि घर में भूत है या नहीं?

जब घर में अजीब हरकत होने लगे जैसे लाइट का अपने आप बुझना, रात में किसी के चलने की आवाज़ या पंखे का चलना तो यह घर में भुत के संकेत है।

भूत की कहानी कैसे लिखते हैं?

बहुत की कहानी वास्तविक और काल्पनिक दोनों हो सकती है। जिसे आप अपने अनुभव के आधार पर लिख सकते है।

भूत कहाँ रहता है?

भूत पुरानी मान्यताओं के अनुसार पीपल के पेड़ पर, किसी पुराने जर्जर घर में या शमशान में रहता है।

चुड़ैल कैसे बनता है?

जब कोई स्त्री अकाल मृत्यु को प्राप्त होती है तो वह चुड़ैल बन जाती है।

हम उम्मीद करते है की आपको Bhoot Ki Kahani in Hindi पढ़ कर बहुत मज़ा आया होगा। आप इसके बारे में नीचे कमेंट भी कर सकते है।

Read also:

Best True Love Story in Hindi | प्यार की सच्ची कहानी हिंदी में

अमीर गरीब की कहानी | Amir Garib Ki Kahani

शेर और बन्दर की दुश्मनी | Moral Stories in Hindi for Class 5

Best Kids Story in Hindi with Moral 2022

Rate this post

1 thought on “Bhoot Ki Kahani in Hindi | मोती की हिम्मत ने बचाई भूत से जान”

Comments are closed.

close