नई पंचतन्त्र स्टोरीज इन हिंदी

Best New Panchatantra Stories in Hindi | नई पंचतन्त्र स्टोरीज इन हिंदी

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New Panchatantra Stories in Hindi | नई पंचतन्त्र स्टोरीज इन हिंदी
New Panchatantra Stories in Hindi | नई पंचतन्त्र स्टोरीज इन हिंदी

New Panchatantra Stories in Hindi | नई पंचतन्त्र स्टोरीज इन हिंदी

New Panchatantra Stories in Hindi: दोस्तों हम आपके लिए कुछ नई पंचतन्त्र स्टोरीज इन हिंदी लेकर आये है। जिसको पढ़कर आपको बहुत मज़ा आएगा। यदि आप पुरानी पचतंत्र कहानियों को पढ़कर बोर हो गए है तो आपको यह नई कहानियाँ बहुत ही रोचक लगेंगी। यहाँ हमने दो पचतंत्र कहानियाँ दी है जिसमें एक बुद्धिमान राजा की है और दूसरी कहानी जादुई मोमबत्ती की है।

1. बुद्धिमान राजा (New Panchatantra Stories in Hindi with moral)

एक बार की बात है रामगढ नाम का एक बहुत ही विशाल राज्य था। इस राज्य का यह नियम था की इस राज्य के लोग ही अपने में से अपने राजा को चुनते थे और वह राजा 5 साल तक रहता और जनता की सेवा करता था। 5 साल पूरा होने पर उस राजा को नदी के किनारे घने जंगल में छोड़ दिया जाता था यह भी नियम था। पिछला राजा अपने 5 साल पुरे करके जा चूका था। अब राज्य को एक नए बुद्धिमान राजा की तलाश थी।

नए राजा को तलाशने की जिम्मेदारी राज्य के मंत्री को सौंपी गयी। मंत्री ने लोगों से तेजाराम नाम के एक बुद्धिमान व्यक्ति के बारे में बहुत सुन रखा था। मंत्री एक दिन तेजाराम के पास गया। तेजाराम अपनी पत्नी के साथ एक छोटे से घर में रहता था। मंत्री ने तेजाराम से कहा की मैंने बहुत से व्यक्तियों से आपकी बुद्धिमानी के बारे में सुना है क्या आप इस राज्य के अगले राजा बनेंगे।

तेजाराम ने मंत्री को कहा की इसके लिए मुझे एक दिन विचार करने का समय चाहिए। मंत्री ने इसके लिए सहमति दे दी। मंत्री के जाने के बाद तेजाराम की पत्नी ने पूछा की एक तो मंत्री आपके लिए राज्य के राजा बनने का प्रस्ताव लेकर आये है आप इसमें क्या सोच रहे है।

तेजाराम ने कहा की क्या तुमको पता है इस राज्य का नियम है की 5 साल पुरे होने पर राजा को नदी के किनारे के घने जंगल में छोड़ दिया जाता है। अभी तक के राजा के साथ क्या हुआ यह कोई नहीं जानता। तेजाराम ने इस बात पर विचार करके 1 दिन बाद मंत्री के पास गया। वह मंत्री से बोला की मै इस राज्य का राजा बनने के लिए तैयार हूँ।

लेकिन मेरी एक शर्त है मै राजा बनने से पहले उस जगह को देखना चाहता हूँ जहाँ पर पहले के राजा को 5 साल के बाद छोड़ दिया जाता है। मंत्री ने इस बात पर सहमति जताई और वह कुछ सिपाहियों के साथ नदी के पार के जंगल में गए। तेजाराम ने देखा की वहाँ पर कुछ कंकाल पड़े हुए थे।

तेजाराम को अब पता चल चूका था की जंगल में बहुत खतरनाक जानवर है जो वहाँ पर आने वाले अभी तक के राजा को खा चुके है। लेकिन तेजाराम ने सोचा अगर मै राज्य का राजा बनूँगा तो मै इसके लिए कुछ कर सकता हूँ। इसके बाद तेजाराम, मंत्री और सिपाही वहाँ से वापस लौट आये। तेजाराम ने राजा बनना स्वीकार किया और तेजाराम को राज्य का नया राजा बना दिया गया।

तेजाराम के राजा बनने के बाद राज्य में ख़ुशी का माहौल था। कुछ समय बाद राजा ने मंत्री को आदेश दिया की नदी के पार का जंगल बहुत बढ़ गया है जिसके कारण गांव में जंगली जानवर आने लगे है इसलिए जंगल को साफ़ किया जाये। राजा के आदेश पर घने जंगल को साफ़ किया गया।

जंगल साफ़ होने के कारण कुछ समय बाद लोग वहाँ पर आकर रहने लगे। राजा ने लोगों के लिए तालाब बनवाएं, सड़क बनवायी  और रहने के लिए अच्छे घर बनवा कर दिए। जिससे वहाँ पर सुविधा की सभी चीज़े मौजूद होने लगी और लोग वहाँ मंडी लगाकर व्यापार करने लगे । अब कुछ समय बाद राजा के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने वाला था। तेजाराम की पत्नी ने इस बात पर चिंता जताई।

तेजाराम ने अपनी पत्नी को आश्वासन दिया की मेरे साथ नदी पार अब तुम भी जाओगी। कुछ समय बाद तेजाराम के 5 साल पुरे हुए और उसको नदी के पार छोड़ दिया गया। लेकिन अब नदी के पार का पूरा नक्शा ही बदल चूका था अब वहाँ जंगल की जगह एक अच्छा नगर था। तेजाराम के साथ जब उसकी पत्नी ने भी यह देखा तो वह बहुत खुश हुई। तेजाराम ने बताया की मैंने अपने राजा के कार्यकाल के लिए यह कार्य करवाया।

जिससे यहाँ पर लोग आकर रहने लगे और यह सुनकर नगर में बदल गया। तेजाराम की बुद्धिमानी के कारण उसको अपने राजा के कार्यकाल के बाद अपनी जान नहीं गवानी पड़ी और वह नए नगर में अपनी पत्नी के साथ खुशी खुशी रहने लगा।

सीख : इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हम किसी भी मुसीबत का सामना अपने सयंम और बुद्धिमानी से कर सकते है।

2. जादुई मोमबत्ती (नई पंचतन्त्र स्टोरीज इन हिंदी)

एक बार की बात है एक गांव में मोहन नाम का एक लड़का रहता था। वह पाँचवी क्लास में पढता था। उसके माता पिता बहुत गरीब थे। उसके पिता कुम्हार का काम करते थे । मोहन स्कूल से घर आने के बाद अपने पिता की मिट्टी के बर्तन बनाने में मदद करता था। जिसके कारण वह अपनी पढाई भी नहीं कर पाता था।

एक दिन जब मोहन स्कूल गया तो मास्टर ने सभी बच्चों से होम वर्क के बारे में पूछा तो सभी बच्चे घर से होम वर्क करके लाये थे लेकिन मोहन ही स्कूल का होम वर्क करे बिना ही स्कूल गया था। इस बात पर मास्टर ने मोहन को बहुत डाँटा और बोला की अगर कल भी तुम होम वर्क करके नहीं लाये तो तुमको स्कूल से निकाल देंगे।

मोहन इस बात से बहुत दुःखी था। वह रोते रोते घर जा रहा था। तभी जोर की बारिश होने लगी मोहन एक पेड़ के नीचे खड़ा हो गया और रोने लगा। तभी वहाँ पर एक बूढ़ा आदमी आ गया। उसने मोहन से रोने का कारण पूछा। मोहन ने बूढ़े आदमी को बताया की वह बहुत गरीब है।

जिसके कारण वह घर जाकर दिन भर अपने पिता की मदद करता है और रात होने पर भी वह पढ़ नहीं पाता क्योंकि उनके घर पर केवल एक ही मोमबत्ती है जिसका प्रयोग उसकी माँ खाना बनाने के लिए करती है। अगर उसके पास एक और मोमबत्ती होती तो वह अपना होम वर्क करके स्कूल जा सकता था।

जब बूढ़े आदमी ने मोहन की बात सुनी तो उसने अपने झोले से एक मोमबत्ती निकाल कर मोहन को दी और कहा इस मोमबत्ती को तुम अपनी पढ़ाई के लिए प्रयोग कर सकते हो लेकिन यह याद रखना इसको जलाने के बाद जो मोम निकलेगा उसकी भी एक मोमबत्ती बना कर अगर तुम किसी अपने जैसे जरूरतमंद को दोगे तो यह मोमबत्ती कभी भी खत्म नहीं होगी।

मोहन मोमबत्ती को अपने साथ घर लेकर गया और रात को उसने अपनी माँ को वह मोमबत्ती दिखाकर उस बूढ़े आदमी की बात बताई। अब मोहन मोमबत्ती से जो भी मोम निकलता उससे एक नयी मोमबत्ती बना कर अपने गांव के गरीब दोस्तों को देता जो मोमबत्ती न होने के कारण पढ़ नहीं पाते थे।

अब मोहन अपना होम वर्क रोज करके स्कूल जाता। जिससे मास्टर बहुत खुश हुए। मोहन की मोमबत्ती गरीब बच्चों को दान करने के कारण अब कभी खत्म नहीं हुई। इस साल मोहन क्लास में फर्स्ट आया। जिससे मोहन के माँ बाप बहुत खुश हुए। यह सब उस बूढ़े आदमी की उस जादुई मोमबत्ती के कारण हो सका।

हम उम्मीद करते है की आपको New Panchatantra Stories in Hindi (नई पंचतन्त्र स्टोरीज इन हिंदी) जरूर पसंद आयी होगी। आप इसके बारे में अपने सुझाव नीचे comment के माध्यम से भी दे सकते है।

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